Madhubani News | SC ST Act FIR
मधुबनी (बिहार):
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला बिहार के मधुबनी जिले से जुड़ा हुआ है, जहां वीडियो में की गई टिप्पणी को दलित समाज के लिए अपमानजनक बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय दिविजय प्रताप झा से जुड़े एक चैनल के माध्यम से वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में बिहारी दलित महिलाओं को लेकर कथित रूप से 20–25 हजार रुपये में दूसरे राज्य से खरीदकर शादी कराने जैसी बात कही गई, जिसे सामाजिक संगठनों ने अत्यंत आपत्तिजनक बताया।
वीडियो वायरल होते ही भड़का आक्रोश
वीडियो के सामने आने के बाद दलित और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी देखी गई। आरोप लगाया गया कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल एक विशेष समुदाय को नीचा दिखाने का प्रयास हैं, बल्कि समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने का भी काम करती हैं।
पहले सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मामला पुलिस तक पहुंचाया गया।
भीम आर्मी ने दर्ज कराई प्राथमिकी
मामले को गंभीरता से लेते हुए भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आलोक देवराज ने मधुबनी नगर थाना में लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने SC/ST Act के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
आलोक देवराज ने कहा कि दलित-आदिवासी समाज के खिलाफ इस प्रकार की भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला दर्ज कर लिया गया है और वायरल वीडियो सहित सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी जाति या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी जरूरी
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। किसी समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री कानूनन अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

