मधेपुर (बिहार): मधेपुर प्रखंड के नवादा पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय चंद्रदीप में शनिवार को एक गंभीर मामला सामने आया, जहां विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय कुमार सिंह ने 12 से 14 वर्ष की आयु के चार छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई के बाद सभी छात्रों को इलाज के लिए मधेपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह रेफरल अस्पताल ले जाना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
घटना शनिवार सुबह की है। जानकारी के अनुसार स्कूल परिसर में लगाए गए केले के पौधों को किसी ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसकी सूचना मिलने पर प्रधानाध्यापक ने आरोपित छात्रों को बुलाया और बिना जांच-पड़ताल किए उन्हें लाठी से बेरहमी से पीट दिया।
पीड़ित छात्रों में तीन लड़के और एक छात्रा शामिल हैं:
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छात्र का नाम उम्र कक्षा
अभिषेक कुमार (पिता: सुरेश कुमार महतो) 13 वर्ष कक्षा 7
सत्यम कुमार (पिता: विनोद कुमार महतो) 14 वर्ष कक्षा 7
प्रभाष कुमार महतो (पिता: दिनेश कुमार महतो) 13 वर्ष कक्षा 7
अभिलाषा कुमारी (पिता: सुरेश कुमार महतो) 12 वर्ष कक्षा 6
छात्रों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रधानाध्यापक ने गुस्से में लाठी उठाई और चारों को बिना कुछ सुने पीटना शुरू कर दिया। यहां तक कि जब अभिलाषा अपने भाई को बचाने पहुंची, तब भी उसे नहीं छोड़ा गया।
अस्पताल में भर्ती, चिकित्सक ने दी जानकारी
पिटाई के बाद चारों छात्र रोते हुए घर पहुंचे और परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे।
मधेपुर पीएचसी के चिकित्सक डॉ. अंजूम हाशमी ने बताया:
छात्रों के शरीर पर चोट के निशान और सूजन है। हालांकि प्रारंभिक एक्स-रे में हड्डी टूटने की पुष्टि नहीं हुई है। निगरानी में इलाज जारी है।
प्रधानाध्यापक ने दिया अपना पक्ष
प्रधानाध्यापक विजय कुमार सिंह ने पिटाई स्वीकार करते हुए कहा:
कल शाम अंधेरा होने पर कुछ छात्रों ने बाउंड्री फांदकर स्कूल में घुसकर केले के पौधे नष्ट कर दिए। जानकारी मिलने पर अनुशासनिक कार्रवाई के तौर पर छात्रों को दंडित किया गया।
परिजनों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
मामले के बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में रोष है। परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना दोष साबित किए मासूम बच्चों पर हाथ उठाना अमानवीय और गैरकानूनी है। उन्होंने प्रशासन से आरोपी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षा विभाग ने दिया जांच का आदेश
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मरजीना खातून ने कहा:
मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

